Thursday, 5 September 2013

Health & Fitness, Health tips, Health information: Laughing

Health & Fitness, Health tips, Health information: Laughing: हंसना  संसार का प्रत्येक व्यक्ति जिस प्रकार की भावना अपने मन में रखता है उसी प्रकार का हो जाता है। हंसना भी एक प्रकार का लाभकारी व्या...

Laughing


हंसना 
संसार का प्रत्येक व्यक्ति जिस प्रकार की भावना अपने मन में रखता है उसी प्रकार का हो जाता है। हंसना भी एक प्रकार का लाभकारी व्यायाम है और हम विभिन्न मानसिक विकारों से दूर रहते हैं।
हंसना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है।
प्रत्येक का स्वभाव स्वयं ही उसके अपने विचार होते हैं। प्रारम्भ से ही हम जिस वातावरण में रहते हैं उसी के अनुसार ढल जाते हैं। वास्तव में प्रसन्नता एक अद्भुत शक्ति होती है जो हतोत्साहित होने पर हमें धैर्य प्रदान करती है। प्रसन्नता गरीबों को धनवान बना देती है तथा असहाय होने पर सच्ची मित्र होती है-----
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Wednesday, 4 September 2013

teachers day

Happy teacher's day to all of u by this blog admin

apple

सेब

health
apple fruit
 सेब एक ऐसा फल है जो प्राचीन काल से ही मनुष्यों का आहार रहा है। इसे एक अच्छा पौष्टिक फल माना जाता है। अंग्रेजी में एक कहावत है कि- ''एन एप्पल ए डे कीप्स द डॉक्टर अवे'' अर्थात् इसे  रोज खाया जाए तो अनेकों बीमारियों से बचेंगे और अनेक रोगों में लाभदायक भी है।  सेब एक ऐसा फल है जो विश्व में हर जगह बारहों महीने मिलता है।  लोगों का विश्वास है कि एक सेब रोज़ खाने से सभी बिमारियाँ दूर रहती हैं।   विश्व मे सेब की ७००० से अधिक प्रजातियाँ उगाई जाती हैं।    सेब ताज़ा है या नहीं यह देखने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि इसे पानी में डाल दिया जाय। ताज़ा सेब पानी पर तैरता है क्योंकि इसमें २५ प्रतिशत मात्रा हवा की होती है।

    सेब को काटने के बाद अगर नमक के पानी से धो दिया जाए तो वे काले नहीं पड़ते। सेब को बीमारियों से बचाने के लिए कीटनाशक छिड़के जाते है, इसलिए सेब खाने से पहले अच्छी तरह धो लेना आवश्यक है। अंग्रेजी में कहा गया है, "एन एपल ए डे", कीप्स द डॉक्टर अवे" अर्थात् एक सेब रोज खाओ और डॉक्टर को दूर भगाओ। सेब पौष्टिक तत्वों से भरा है। ये न केवल रोगों से लड़ने में मदद करता है बल्कि आपके शरीर को भी स्वस्त रखता है। वैज्ञानिक अध्ययनों से पता चला है कि सेब के सेवन से ह्वदय रोग, कैंसर, मधुमेह के साथ ही दिमागी बीमारियों जैसे पार्किंसन और अल्जाइमर आदि में भी आराम मिलता है। सेब रेशे वाला फल है इसीलिए इसमें में फाइबर भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है। सेब को खाने से पाचन तंत्र भी सही रहता है। यह एक अच्छा एंटी ओक्सिडेंट भी है जो मधुमेह, कैंसर, और दिमाग से सम्बंधित बीमारियों को दूर करने में भी मदद करता है। सेब शरीर में ग्लूकोज की मात्रा को सामान्य करता है। जिससे मधुमेह के रोगियों को लाभ होता है। आइये और जानते हैं सेब खाने के लाभों के बारे में और देखते हैं कि कैसे यह जादुई फल हमें स्‍वस्‍थ्‍य रखता है........... For more click here

Monday, 2 September 2013

health news


BRAIN DAMAGING HABITS

1. No Breakfast
People who do not take breakfast are going to have a lower blood sugar level.
This leads to an insufficient supply of nutrients to the brain causing brain degeneration.
heath


2. Overeating

It causes hardening of the brain arteries, leading to a decrease in mental power.

3. Smoking
It causes multiple brain shrinkage and may lead to Alzheimer disease.

4. High Sugar consumption
Too much sugar will interrupt the absorption of proteins and nutrients causing malnutrition and may interfere with brain development.

5. Air Pollution
The brain is the largest oxygen consumer in our body. Inhaling polluted air decreases the supply of oxygen to the brain, bringing about a decrease in brain efficiency.

6. Sleep Deprivation

Sleep allows our brain to rest. Long term deprivation from sleep will accelerate the death of brain cells.

7. Head covered while sleeping
Sleeping with the head covered increases the concentration of carbon dioxide and decrease concentration of oxygen that may lead to brain damaging effects.

8. Working your brain during illness
Working hard or studying with sickness may lead to a decrease in effectiveness of the brain as well as damage the brain.

9. Lacking in stimulating thoughts
Thinking is the best way to train our brain, lacking in brain stimulation thoughts may cause brain shrinkage.

10. Talking Rarely

Intellectual conversations will promote the efficiency of the brain.

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exercise

व्यायाम  
व्यायाम की दुनिया में आजकल दौड़ना लोकप्रिय है। बाकी दुनिया की ही तरह भारत में भी लंबी दौड़ लगाने वालों के संगठन बन गए हैं, जो हाफ मैराथन, मैराथन, सुपर मैराथन वगैरह आयोजित करते रहते हैं। दौड़ाकों

पिछले दिनों इस विषय पर कुछ अध्ययन हुए हैं। इन अध्ययनों से पता चलता है कि सेहत के लिहाज से दोनों ही बेहतरीन व्यायाम हैं, लेकिन दोनों के फायदे कुछ अलग-अलग हैं। दौड़कर या चलकर लगभग समान कैलोरी खर्च करने वाले दो समूहों की तुलनात्मक जांच से यह मालूम हुआ कि वजन घटाने और कम वजन बनाए रखने के लिहाज से दौड़ना ज्यादा अच्छा व्यायाम है। दौड़ने वालों की कमर की नाप और बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) चलने वालों से कहीं बेहतर साबित हुए। बाकी कई फायदे दोनों ही समूहों के लिए एक जैसे थे, लेकिन यह पाया गया कि दिल की सेहत के लिए चलने से ज्यादा फायदा होता है। यानी अगर आपका मुख्य जोर वजन घटाने पर है, तो दौड़िए और अगर दिल का मामला है, तो तेज चलना अच्छा है। दौड़ने से वजन ज्यादा घटने की कई वजहें हैं। एक महत्वपूर्ण वजह तो यह है कि दौड़ने से मेटाबॉलिज्म ज्यादा तेज होता है, इसलिए ऊर्जा ज्यादा खर्च होती है। एक सुझाव यह भी है कि चलने या दौड़ने से पहले कुछ दूसरे व्यायाम करने, मसलन भार उठाने से वजन ज्यादा घटता है, क्योंकि इससे मेटाबॉलिज्म और भी ज्यादा तेज हो जाता है। अध्ययन में एक चीज यह सामने आई, दौड़ने से पेट में एक एंजाइम पेप्टाइड वाई वाई ज्यादा बनता है। यह एंजाइम भूख पर नियंत्रण रखता है, इसलिए दौड़ने वालों की खुराक चलने वालों से कम होती है। यह देखा गया कि नियमित चलने वालों से अनियमित दौड़ने वालों का भी वजन कम रहा।
health
को जरूरी मशविरा और सहायता देने वाले लोग भी काफी हैं। शायद आज की आधुनिक सुविधाओं व उपकरणों से भरी दुनिया में दौड़ना आदिम खुशी का प्रतीक बन गया है। इसके बरक्स पैदल चलना या टहलना हमेशा से सबसे ज्यादा लोकप्रिय व्यायाम रहा है। कुछ लोग रोज टहलते हैं, कुछ को बीच-बीच में खयाल आता है कि वजन बढ़ रहा है, तो वे कुछ दिन टहलते हैं और फिर छोड़ देते हैं। महात्मा गांधी रोज दस मील टहलते थे। सरदार पटेल के बारे में कहा जाता है कि वह राजा-नवाबों को सुबह की सैर पर ले जाते थे और आराम के आदी राजा-नवाब सैर खत्म होने से पहले ही सरदार पटेल की शर्तो पर भारत में विलय के लिए मान जाते थे। लेकिन सवाल यह है कि सेहत के लिहाज से क्या बेहतर है, दौड़ना या चलना? अगर दौड़कर या चलकर समान कैलोरी खर्च की जाए, तो किससे ज्यादा फायदा होगा? 
 पसीना बहाना भी एक कला है
अपने शरीर को वांछित आकार देने की ख्वाहिश में लोग तमाम जतन कर रहे हैं। जिमनेजियम का चलन भी हाल के सालों में काफी बढ़ा है। हालांकि नियमित व्यायाम के बाद भी अपेक्षित परिमाण न मिलने की शिकायत आम है। कई बार कुछ परेशानियां भी हो जाती हैं इसलिए व्यायाम करते हुए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

पसीना बहाने से ही वजन कम नहीं होता। पसीना बहाने का मतलब है कि आपने पानी के वजन को कम किया है, यानी कोई लिक्विड लेने के साथ ही आप उतना ही वजन दोबारा हासिल कर लेते हैं। प्रायः लोगों को, जो लोग वजन घटाना चाहते हैं, पता ही नहीं होता कि व्यायाम की सही प्रणाली क्या है या मशीन का सही इस्तेमाल कैसे हो। हरेक की जरूरत के अनुसार एक अलग एक्सरसाइज प्लान भी होता है, जिसकी जानकारी जरूरी है। 


Sunday, 1 September 2013

health

We strongly believe in the power of the Healthy Living Blogs community and are always looking for fresh, exciting ways to promote one another and nurture the relationships between bloggers in our genre. The beauty of the healthy living blog community is that it is diverse; cliché or not, there’s something for everyone. We think you’ll find that HLB is a community worth talking about---------

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